udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया पर मिली रोमांचक जीत को दिया यह खास दर्जा

विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया पर मिली रोमांचक जीत को दिया यह खास दर्जा

Spread the love

बेंगलुरू । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में पुणे में मिली करारी हार के बाद विराट कोहली की सेना ने बेंगलुरू टेस्ट में जबर्दस्त खेल दिखाया और सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली. खास बात यह कि टीम इंडिया ने विराट कोहली के साये से बाहर निकलते हुए यह जीत हासिल की, क्योंकि विराट का बल्ला इस सीरीज में अब तक कमाल नहीं दिखा पाया है और पहले मैच में मिली हार के बाद यह कहा जा रहा था कि पूरी टीम विराट पर ही निर्भर है.

 

यहां तक कि ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नैथन लियोन ने तो दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन के कथन का उदाहरण देते हुए यहां तक कहा था कि टीम इंडिया का हाल सांप जैसा है, जिसका सिर पकड़ लो तो शरीर अपने आप काबू में आ जाता है. अब टीम इंडिया ने विराट के बिना भी न केवल बल्लेबाजी में दम दिखाया, बल्कि स्टार ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने भी अपनी मारक लय हासिल कर ली. मैच के बाद विराट कोहली ने इस जीत को अहम करार देते हुए टीम के जज्बे की सराहना की और इसे एक खास दर्जा भी दिया…

 
भावनात्मक मैच… अविस्मरणीय…
चौथे दिन 188 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने के लिए जब ऑस्ट्रेलियाई टीम उतरी थी, तो लग रहा था कि वह इसे हासिल कर लेंगे, लेकिन टीम इंडिया ने जबर्दस्त हमला बोला और इसकी अगुवाई उमेश यादव और स्टार स्पिनर आर अश्विन ने की. अश्विन ने 6 विकेट झटकर टीम इंडिया की झोली में जीत डाल दी. दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 75 रनों से हराने के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि यह जीत उनके कप्तानी करियर की सबसे अच्छी जीत है.विराट कोहली ने जीत का श्रेय पूरी टीम को देते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद भावनात्मक पल है. गौरतलब है कि टीम इंडिया घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया से 1-0 से पीछे चल रही थी और विराट पर काफी दबाव था. रणनीति के बारे में सवाल को भी उन्होंने टाल दिया.

 
सबसे अच्छी जीत…
कोहली ने मैच के बाद कहा, यह (बेंगलुरू टेस्ट) मेरी अब तक की सबसे अच्छी जीत है. मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता कि हमारी रणनीति क्या थी. वह हमारे लिए कामयाब साबित हुई. यह हमारे लिए भावनात्मक मैच था. हमने टीम भावना दिखाई. यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है. यह मेरी अब तक की सबसे अच्छी जीत है.हालांकि विराट कोहली ने यह भी कहा कि उन्हे इतनी आसान जीत की उम्मीद नहीं थी और उन्हें लग रहा था कि कंगारू टीम उनको जोरदार टक्कर देगी और मुकाबला करीबी रहेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

 
खुद को साबित करना चाहते थे…
उन्होंने कहा, हमने 75 रनों से मैच जीत खुद को ही हैरान कर दिया. हमने लग रहा था कि यह करीबी मैच होगा. पहला मैच हारने के बाद हम वापसी करना चाहते थे. हम किसी और को नहीं बल्कि खुद को साबित करना चाहते थे.बेंगलुरू टेस्ट में भारतीय टीम एक समय पिछड़ रही थी. हालांकि टॉस जीत गई थी, लेकिन पहली पारी में महज 189 रन ही बना पाई थी, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 276 रन बनाते हुए 87 रनों की बढ़त भी ले ली थी. ऐसे में कंगारू हावी नजर आ रहे थे, लेकिन पहले लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने बल्लेबाजी में और फिर तेज गेंदबाज उमेश यादव और स्पिनर आर अश्विन ने गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए जीत दिला दी. ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 112 रनों पर ढेर हो गई.

 
जज्बे के कायल
विराट कोहली ने कहा, भारतीय खिलाडिय़ों ने जज्बा दिखाया और भरोसा दिलाया कि हम किसी भी स्थिति से जीत सकते हैं. यह सिर्फ जिम्मेदारी लेने की बात है. दर्शकों से भी खासा समर्थन मिला. दूसरी पारी में मेहमान जब रन नहीं कर पा रहे थे तभी हम समझ गए थे कि हम जीत सकते हैं. कोहली ने पुजारा-रहाणे के बारे में कहा, पुजारा और रहाणे के बीच हुई साझेदारी मेरी पिछले कुछ वर्षो में देखी गई साझेदारियों में से सर्वश्रेष्ठ थी. वह चैम्पियन साझेदारी थी. यह दोनों इसलिए टेस्ट के दो सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं.
रांची में खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट के बार में कोहली ने कहा, रांची जाने का इंतजार नहीं कर सकते. हमें इस लय को आगे बरकरार रखना होगा. टीम अब पीछे मुडक़र नहीं देखेगी.