udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए प्रस्तुत 66 करोड़ के विभागीय परिव्यय निर्धारित

वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए प्रस्तुत 66 करोड़ के विभागीय परिव्यय निर्धारित

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पौड़ी:  प्रदेश के कृषि एवं कृषि विपणन, उद्यान एवं फलोद्योग व रेशम विकास तथा जनपद के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने जिला योजना समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जनपद के 32 विभागों की ओर से वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए प्रस्तुत 66 करोड़ के विभागीय परिव्यय निर्धारित की।
परिव्यय पर चर्चा करने के साथ ही प्रभारी मंत्री ने विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिला योजना से अवमुक्त धनराशि को तय समय पर व्यय न करने की दशा में अगली वित्तीय वर्ष की जिला योजना में संबंधित विभाग के प्रस्तुत परिव्यय पर तीन गुना कटौती होगी। बैठक में शिक्षा, पेयजल, कृषि तथा पर्यटन के बजट को बढ़ाने पर चर्चा की गई। 
विकास भवन सभागार में आयोजित जिला योजना के प्रस्तुत परिव्यय को लेकर आयोजित बैठक में प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने जहां लोक निर्माण, राजकीय सिंचाई समेत कुछ बड़े विभागों की ओर से प्रस्तुत परिव्यय पर मामूली कटौती की वहीं शिक्षा, पेयजल तथा कृषि आदि मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विभागों के बजट को प्राथमिकता दी गई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि शिक्षा, पेयजल तथा कृषि ऐसे विभाग हैं जो कि मौजूदा तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए अहम हैं। कहा कि इनके परिवेश को सुगम एवं सुव्यस्थित बनाने हेतु योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई एवं पेयजल की समस्यायें हैं। जिनको
प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाना जरूरी है। प्रभारी मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बंजर खेतों को उपयोग में लाने के लिए भी रणनीति बनाये जाने पर जोर दिया। उन्होंने विभागों को काश्तकारों के साथ कृषि से जोड़ने के लिए कहा। उन्होंने पर्यटन विभाग को साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने को कहा। प्रभारी मंत्री ने विभागों की लंबित देनदारी पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने हिदायत दी कि जिला सेक्टर को राज्य सेक्टर की भांति इस्तेमाल न किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि जनपद के 32 विभागों की ओर से वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 66 करोड़ का परिव्यय प्रस्तुत किया गया है। जो कि गत वित्तीय वर्ष से छह करोड़ अधिक है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने 14 करोड़, जल संस्थान 11, जल निगम 9, राजकीय सिंचाई 7, सामुदायिक विकास 2, पर्यटन, वन विभाग तथा लघु सिंचाई एक-एक तथा ऐलोपैथिक का डेढ़ करोड़ का परिव्यय तय किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि विभागों को शीघ्र ही जिला योजना का बजट आंवटित कर दिया जाएगा।
उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित समय पर जिला योजना की आवंटित धनराशि को तय समय पर व्यय करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्माणदायी विभागों से निर्माण कार्यों में विशेषरूप से गुणवत्ता तथा पारदर्शिता बनाये रखने के भी निर्देष दिये। कहा कि निर्माणकार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिला योजना समिति के सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत, क्षेत्रीय विधायक मुकेश कोली, लैंसडोन विधायक महंत दिलीप रावत,  प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र राणा, कोट ब्लाक प्रमुख सुनील लिंगवाल, ब्लाक प्रमुख शिवसिंह गुसांई, सुधा नेगी, सम्पत सिंह, देवकीनंदन शाह समेत जिला प्रशासन की ओर से मुख्य विकास अधिकारी दीप्ति सिंह, डीडीओ वेद प्रकाश, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी निर्मल कुमार शाह के साथ विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।