udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news 2,000 और 200 रुपए की नई करेंसी वैध या अवैध ! मची खलबली!

2,000 और 200 रुपए की नई करेंसी वैध या अवैध ! मची खलबली!

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RBI  के पास 2,000 रुपए और 200 रुपए की नई करेंसी जारी करने का नहीं है अधिकार, सूचना के अधिकार के तहत यह बात आई सामने ! 

अगर 2000 का नोट फिर से बंद होता है तो फिर से खलबली मचनी तय,नोट घरों में छुपाने वालों के लिए तो यह खबर बैचैन करने वाली

उदय दिनमान डेस्कः 2,000 और 200 रुपए की नई करेंसी वैध या अवैध ! मची खलबली! सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी के बाद अब दो हजार और दो सौ रूपये के नोट की वैधता पर सवाल उठना लाजमी है। क्योंकि आबीआई के पास इसे जारी करने और छापने के कोई कागज नहीं है फिर यह करेंसी अवैध है या वैध सभी संसय में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नए नोट छापने के लिए कोई सर्कुलर भी नहीं जारी किया गया था।

 

RBI  के पास 2,000 रुपए और 200 रुपए की नई करेंसी जारी करने का नहीं है अधिकार, सूचना के अधिकार के तहत यह बात आई सामने ! तो लोगों के अब होश उड गए है लोगों ने 2000 के नोटों को अपने घरों में कैद कर लिया है ऐसा लंबे समय से चर्चा चल रही है। अब प्रश्न यह उठता है कि क्या यह करैंसी वैध है या अवैध। सोशल मीडिया की रिपोटों के अनुसार यह यक्ष प्रश्न बन गया है। हालांकि अभी तक सरकार ने इस संबंध में कोई जवाव जारी नहीं किया है।

 

 

आपको बता दें कि देश के सबसे बड़े बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। भारतीय बैंको की नियामक संस्था के रूप में काम करने वाली RBI के पास नए नोट जारी करने का अधिकार ही नहीं है। सूचना के अधिकार के तहत मांगे गए जवाबों से यह बात सामने आई है। एक RTI में इस बात का खुलासा हुआ है कि RBI के पास ऐसे कोई कागजात नहीं है जो यह बता सकें कि नोटबंदी के बाद उनके पास 2,000 रुपए और 200 रुपए की नई करेंसी जारी करने का अधिकार था।

 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नए नोट छापने के लिए कोई सर्कुलर भी नहीं जारी किया गया था। इस विषय में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मुंबई के एमएस रॉय ने जानकारी मांगी थी। RTI में मिली जानकारी के अनुसार नोटबंदी से करीब 6 महीने पहले 19 मई 2016 के दस्तावेज के मुताबिक RBI के कार्यकारी निदेश ने 18 मई 2016 को पेश किए गए प्रस्ताव को निदेशक मंडल ने मंजूरी दी थी।

 

 

मंजूर किया गया प्रस्ताव नए बैंक नोटों के डिजाइन, मूल्य और उनके पैमानों से जुड़ा था। इस प्रस्ताव को मंजूर करने के लिए 8 जुलाई 1993 को भी तात्कालीन सरकार के पास भेजा गया था। प्रस्ताव में 10,20,50 100 और 500 रुपए के साइज को कम कर के नए नोटों को शुरू करने की बात शामिल थी।

 

 

RTI एक्टिविस्ट रॉय के अनुसार RBI बोर्ड के प्रस्ताव में 1,000 रुपए (विमुद्रीकरण के बाद से चलन में नहीं), 2000 रुपए और बाद में 200 रुपए के करेंसी के डिजाइन या महात्मा की तस्वीर को प्रकाशित करने की कोई चर्चा नहीं हुई। जिससे यह स्पष्ट है कि किसी भी प्रकार की आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई तो आखिर इन नोटों को किसने डिजाइन किया और बिना मंजूर हुए प्रकाशित कैसे हुए?

 

 

रॉय के अनुसार RBI बोर्ड ने सार्वजनिक तौर पर किसी भी प्रकार की कोई मंजूरी नहीं दी और ना ही ऐसे कोई दस्तावेज मौजूद हैं, जिससे 200 और 2,000 रुपए की करेंसी की कानूनी वैधता पर बड़ा सवाल है। रॉय ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।इससे पहले 27 फरवरी 2017 को रॉय ने एक अन्य RTI दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने 1 रुपए के नोट पर महात्मा गांधी की तस्वीर ना छापे जाने के दस्तावेज मांगे थे। जवाब में RBI ने 15 जुलाई 1993, 13 जुलाई 1994 और 19 मई 2016 की बोर्ड बैठक के प्रस्ताव की प्रतियां उपलब्ध कराई थीं।

 

हालांकि, ये प्रस्ताव केवल 10, 20, 50, 100 और 500 रुपए के लिए डिजाइन के बारे में बताते हैं, जिन पर महात्मा गांधी की तस्वीर छपी है।RBI बोर्ड के प्रस्ताव के में 1000, 2000 रुपए और हाल में जारी 200 रुपए के नोट डिजाइन की विशेषताओं या महात्मा गांधी की तस्वीर के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

 

सोशल मीडिया पर यह खबर कई बार प्रकाशित हो चुकी है कि जल्द ही 2000 का नोट बंद होने वाला है। अगर सोशल मीडिया की खबरों की माने और आरटीआई से मिली जानकारी में जो तथ्य मिले उससे तो यही लग रहा है। फिर काला धन घरों में छुपाने वालों के लिए तो यह खबर बैचैन करने वाली ही होगी। यहां बता दें कि 2000 के नोट के बाद कालेधन और कई लोगों ने अब नयी करेंसी को घरों में छुपा दिया है। अगर 2000 का नोट फिर से बंद होता है तो फिर से खलबली मचनी तय है।